तेरी मेरी दोस्ती…
By Anjali Sameer chimrukiar
तेरी मेरी दोस्ती का एक अजब किस्सा है।
मेरी दोस्ती की दुनियाँ मे तेरा बहुत बड़ा हिस्सा है।
तेरे लिए मेरे दिल में एक अलग सी जगह है।
मेरे पहले दोस्ती की भी तू ही तो वजह है।
पलटकर देखा उन दिनों को, तो एक बात समझ में आयी।
की दोस्ती का सही मतलब, मैं तेरे साथ ही तो समझ पायी।
बचपन की वोह सारी बातें, अब फिर से कभी ना आयेगी।
पर बचपन की वोह सारी यादें, दिल से कभी ना जायेगी।
मुझे अभी भी याद है…..
वोह हमारा साथ साथ में पढना..
कितना भी पढ लो, लेकिन फ़िर से भूल ही जाना...
मॅथस् के पेपर के लिए, वोह रात भर का जागना..
पेपर लिखने के लिए, तुझसे वो पेन उधार मांगना...
आये ना अगर आन्सर पेपर में, तो इशार से बताना..
छुटा आधार मार्क भी टिचर से, तो हक्क से जताना...
और वो जिंदगी का हर एक लम्हा, जी भरकर जीना...
वो दिन भी क्या थे, मुश्किल है जिनको, यूँ ही भूल पाना...
मुझे अभी भी याद है..
वो हमारा टिफिन को शेयर कर के खाना...
मेरी फेवरीट सब्जी, याद से टिफिन मे ले आना...
घर जाते जाते वो हमारा सायकल रेस लगाना...
जीतने की जल्दी में वोह बार बार गिर जाना...
और मुझे जीताने केल लिये, वो तेरा जानबुजकर हार जाना…
वो दिन भी क्या थे, मुश्किल है जिनको यूं ही भूल पाना...
मुझे अभी भी याद है वो हमारा...
छोटी छोटी जोकस् पर भी दिल खोलकर हंस देना..
आ ही गये आंसू कभी, तो धीरेसे पोछ लेना...
बाय करते करते वो फिर से घंटो बाते करते रहना...
मेरी दोस्त, मुझको तुझसे बस इतना है कहना...
की तब जैसी थी, हमेशा ही तुम, बस वैसी ही रहना...
बस वैसी ही रहना...
By Anjali Sameer chimrukiar

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