तू ज़िंदगी है, एक जीना का मौका दे
Updated: Jul 18, 2025
By Amit Kumar
तू ज़िंदगी है, एक ज़ीने का मौका दे
मेरे खवाबों का समुद्र है तू, इस समुद्र की लहरे है तू
में अंजान इसकी गहराहियों से, इसकी कठिनाइयों से
मेरा इसमें जाना मुश्किल है, अब तू ही किनारों पर दस्तक दे
तू ज़िंदगी है, इन सपनों को आकार दे |
मेरे मन का पेड़ है तू, इस पेड़ की हरियाली है तू
पतझड़ है तेरे बिना, ना पत्ते ना फूल है
मुझ मन में एक मुट्ठी भर पानी दे,
तू ज़िंदगी है, इस प्यासे मन को जीवनदान दे |
में दूर हो सकता तुझसे, अगर दूर हूँ समझ फिर भी पास हूँ तेरे
भटक नहीं रहा हूँ तेरे पीछे, पर शायद बेखयाल हूँ सामने तेरे
तेरे साँसो की तिष्नगी है मुझे, इनका अहसास दे
तू ज़िंदगी है, इस तिष्नगी को आराम दे |
कहानी है ये नासमझ रिश्ते की, बिन मंजिल रास्ते की
हमारी कहानी सबको बताना चाहता हूँ, तेरे साँसो मे मेरा अहसास चाहता हूँ
कहानी मे तेरी मुश्किले है, मेरे जिद्दी जज़्बात है
इसकी शुरुआत तो है मेरे पास, बस इसको अंजाम ना दे
तू ज़िंदगी है, बंदगी का एक मौका दे |
By Amit Kumar

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