तुम्हारे ख़याल
Updated: Jul 15, 2025
By Saili Parab
तुमसे बिछड़के भी तुम्हारे ख़यालों से जुदा नहीं हो पाई,
यह पहले इश्क़ की बात मैं ना कभी तुमसे कर पाई...
इक तरफा इश्क़ की भी काबिलियत मैंने समझी है,
किसी एक के प्यार में मैंने कई रातें गुज़ारी हैं...
डर है मुझे कि ख़यालों में मैं खो ना जाऊं,
खुद को भूलके कहीं जिंदगी जीना भूल ना जाऊं...
बह रही हूं मैं इन्हीं बातों में,
कि तुमसे बिछड़के कहीं मैं फिर से तुमसे जुड़ ना जाऊं...
By Saili Parab

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