तुम्हरी कहानी
By Dhara Prajapati
दिन के आखिर में, खिड़की के बहार देखते हुए
क्या सोचते होंगे लोग?
क्या कहता होगा उनका दिल?
क्या एक पल के लिए अपने दिल की सुनने की हिम्मत रख पाते होंगे वह?
क्या कुछ हासिल करने में, तुम उन छोटी ख्वीशें पीछे छोड़ आये हो?
ज़िन्दगी की दौड़ में, क्या तुम खुद से प्यार करने का समय निकाल लेते हो?
क्या तुम ज़िन्दगी की उलझनों में, खुद की कहानी लिखने का समय निकाल लेते हो?
By Dhara Prajapati

Comments