तुम हो ना सितारों में?
By Ansh Basoya
पीले गुलाब बहुत पसंद थे उसे
उन्हें अक्सर उसकी कब्र पर सजा आता हूँ
उसकी मौजूदगी की कुछ इस कदर आदत है मुझे,
कि वो रही नहीं पर फिर भी,
रोज़ उसके पास चला आता हूँ।
जिन्हें आदत थी हमारी
हम दोनो की हँसी की,
हम दोनो के साथ में चलने की,
आज रह गया हूँ अकेला उन ही राहों में
और अब यूँ बेचैन हैं सारी रातें,
जो सो ना सकूँ तेरी बाहों में।
अब हर रात बिताता हूँ छत पर
एक दिन ढूँढ ही लूँगा तुझे इन सितारों में
तब तक मिलती रहना,
ऐसे यूँ ही मेरे ख़्वाबों में।
By Ansh Basoya

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