तुम सामने आओगे या नहीं
By Purnima Raj
आज हम दोस्त हैं
कल हम तुम हमसफर बनेगे
मेरे बेतुके सवालों का जवाब दोगे
इन सवालों से छुट्टी चाहते हो
मिलेगी नहीं , अगर मिल गई
फिर तुम्हारे सामने आऊंगी नहीं
कभी नाराजगी हो
झगड़ रहे हो यहां तक ठीक है
अगर मुझसे घृणा हो, डर हो
ठीक ना लगूं , मन की बात कहोगे
या फिर सामने आओगे ही नहीं
तुमसे प्रेम है
पर तुमसे दूर जो रहती हूं
सवाल बहुत है जवाब नहीं
पहचानती तो हूं तुम्हें पर
सपनों में साथ नहीं देख रही
बहुत लंबे समय तक साथ ना रहे
अचानक से किसी और से
मिलवाओगे तो नहीं, साथ मिलेगी
या फिर तुम सामने आओगे ही नहीं
अपने रास्ते चुनते समय
अपने आप को सबसे पहले चुनती हूं
आज तक तुमने यही महसूस किया होगा
कल साथ में चलने की बात हो
रास्ते एक ना हो, बदलने को तो ना कहोगे
ये ठीक है, जमाने की बातों में आकर
हर दिन के ताने तो शुरू नहीं करोगे
बस रास्ते में चलते-चलते एक हो जाएंगे
अंततः सवाल तुमसे यही रहेगा
तुम सामने आओगे या नहीं।
By Purnima Raj

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