“तुम जीना सीखो “
By Dr.Megha Soni
आ जाये कोई तूफान , तुम जीना सीखो ,
ज़िंदगी लगे जहर के कडवे घूंट की तरह ,
अमृत समझकर तुम पीना सीखो ,
छु जाओगे एक दिन आसमान की ऊंचाइयों को ,
बस उस चमकते सूरज से नज़रें मिलना सीखो ,
कर लो हर फैसला ,न घबरान लोगों की नज़रों से .....2
याद रखो,
इम्तेहान की कड़ी हैं ये लोग ,
बस तुम इम्तेहान देना सीखो ,
तुम जीना सीखो ,
तुम जीना सीखो .
By Dr.Megha Soni

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