तुझको थोड़ा ग़म भी दूँ
Updated: Jul 17, 2025
By Vikas Hirwani

तुझको थोड़ा ग़म भी दूँ
मुझको गंवारा लगता है
तू रोने के बाद में
और भी प्यारा लगता है
तूने मेरा होने की
हामी जो भर डाली है
मेरी क़िस्मत में शामिल
नया सितारा लगता है
खोने पाने की ग़फ़लत
इश्क़ में अक्सर बनी रही
सब कुछ जीता लगता है
सब कुछ हारा लगता है
तू जो पूछ ले हालत
जान में जान आ जाये
इस दिल को ठीक होने में
बस एक इशारा लगता है
हम तोड़ रहे रिश्ता लेकिन
ये भी सोचें कि दुनिया में
एक दूसरे के अलावा
कौन हमारा लगता है
By Vikas Hirwani

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