तु समझना
By Pravesh Vyas
पास बैठूँ तेरे, तो तु समझना
यहाँ सिर्फ़ तेरी एक झलक देखने आया हूँ।
नज़रें मिल जाएँ तुझसे, तो तु समझना
यहाँ सिर्फ़ इनका हाल लेने आया हूँ।
क़रीब आऊँ तेरे, तो तु समझना
यहाँ सिर्फ़ तेरी सादगी पहचानने आया हूँ।
हाथ पकड़ लूँ तेरा, तो तु समझना
यहाँ सिर्फ़ इनकी लकीरें पढ़ने आया हूँ।
लब छू लूँ तेरे, तो तु समझना
यहाँ सिर्फ़ इनसे बातें करने आया हूँ।
By Pravesh Vyas

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