तमन्ना बहुत है तुझसे मिलने की मुझे
- Hashtag Kalakar
- Apr 19, 2024
- 1 min read
Updated: Jul 19, 2025
By Shriram Bharti

तमन्ना बहुत है तुझसे मिलने की मुझे
इस खुशी में आज न मेरा कल निकल जाए
बड़े अनजाने से रखती है वो हाथ मेरी नफ़्ज़ पर
तेरी नादानी न से मेरा दम निकल जाए
मेरे मौन का शोर मुझे मार डालेगा इक रोज़
तुझे ख़बर न लगे और ज़िंदगी सरल निकल जाए
हक़ीक़त जब जानेगी तो मुझे निकलेगी ढूँढ़ने
कहीं सच ढूंढ़ने में न सब पल निकल जाएँ
कौन है वो जिसके लिए तू मुझसे जुदा हो गई
आँसू भी न गिरें और दिल से शकल निकल जाए
कौन है वो जो मेरी तरह तकता होगा तुझे
मैं डरता हूँ वो शख्स न हमशकल निकल जाए
ऐसा न हो कि तू रह जाए इंतज़ार में और
तेरे मिलने से पहले ही दर्द का हल निकल जाए
By Shriram Bharti

Comments