जो हो गुफ्त़गू तेरी बात हो
Updated: Jul 15, 2025
By Jaya Bhardwaj

तू जो है एक कमाल कर, कि तू मेरा ही ख़्याल कर।
मुझे रखले तू संभाल कर, किताबों से निकाल कर।
इन अंधियारों से ले चलूं, तुझे बाधाओं से निकाल कर।
इक तरफ हो मैं और तुम, इक तरफ रौशन जहां।
इक तरफ में हो चांदनी, और इक तरफ चंचल हवा।
जो ना मैं रहूं तुमसे ख़फ़ा, जो ना तुम रहो मुझमें रवां।
जो इश्क़ हो ना हो बंदिशें, जो प्यार हो ना हो रंजिशें।
जो गुलाब दूं तेरा हाथ हो, जो मैं ख़्वाब दूं तेरा साथ हो।
जो हो गुफ्त़गू तेरी बात हो, तेरी याद हो तू साथ हो।
जो ये बात हो तो बात हो, जो तू साथ हो तो साथ हो।
जो मैं अक्स हूं तू वो नूर है, जो मैं शख़्स हूं तू गुरूर है।
जो तू ना मिले तो ग़म नहीं, जो तू ना रहे तो हम नहीं।
इस बात का ये सार है, तू ही मेरा आधार है - 2।।
By Jaya Bhardwaj

Comments