जीवनसाथी
- Hashtag Kalakar
- May 23, 2024
- 1 min read
Updated: Oct 3, 2024
By Pushpa Karn
अधिं धियारेजीवन नि कंुज में
उजास जो लाये...
वो स्वर्णि मर्णि सरुभि त प्रकाश तमु ही हो ।
सप्ुत वीरान हृदय में
जो अनरुाग पष्पिुष्पि त भाव जगा दे...
वो मधरिुरिम मधमु ास तमु ही हो ।
मौन उदास अधरों पर
जो प्रीत के गीत सजा दे
उस प्रेममयी सगं ीत सधु ा के ..
राग तमु ही हो ।
मेरेअतं र्मनर्म मेंउभरते
अनकहेशब्दों को जो अलकं ृत कर दे
वो अनपुम जीवन अलकं ार ..,
वो स्वप्नि ल श्रगंृ ार तमु ही हो ।
मेरी मौन सवं ेदनाओंको
जो झकं ृत कर दे..
आभासों को अभि लाषि त कर दे..
सच्ची पवि त्रतम प्रीत जो परि भाषि त कर दे
मेरेजीवनसाथी..! सखु द जीवन के वो...
प्रेमाधार तमु ही हो ।
मेरेअतं र्मनर्म मेंउभरतेअनकहेशब्दों को जो अलकं ृत कर दे
मेरी मौन सवं ेदनाओंको जो झकं ृत कर दे
मेरेजीवन को जो पारि जात सी सवु ासि त कर दे
मेरेजीवनसाथी..! सखु द जीवन के वो प्रेमाधार तम्ुहीं हो ।
By Pushpa Karn

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