जीवन की सचाई
By Lovepreet Kaur
परेशानी में इंसान अक्सर अपनी काबिलियत भूल जाता है ,
दिल अनजाने डर से भर जाता है ,
हमारे दिल का डर हमें सही रास्ते से भटका देता है ,
जो ग़लतियाँ नहीं करनी होती वो भी करवा देता ह ;
घबराता है दिल फिर बुरी तरह ,
दिखती है मुसीबतें फिर हर जगाह ,
भरोसा उठ जाता है अपने ऊपर से इस तरह ,
जैसे अब हार मिलेगी हमें जिंदगी में हर जगाह ;
भूल जाते है हम ज़िन्दगी की सचाई को ,
कि लड़ रहा होता है हर कोई अपनी लड़ाई को ,
माना की दुनिया में हमसे खुशनासिब है काफी लोग ,
पर जीने के लिए देखा जाता उन्हें जो हो बदनसीब गरीब लोग ;
दुनिया का हर दुख हमें नहीं मिलता ,
इसलिए हर खुशी दुनिया की हमें मिले यह जरूरी नहीं ,
दुनिया के हर इंसान से हमारे विचार नहीं मिलते ,
इसलिए हर इंसान हमसे मोहब्बत करे यह जरूरी नहीं..........
By Lovepreet Kaur

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