जीवन का आत्मविश्वास
By Dr. Susheela Chaurasia
मुश्किलों को चीर के जो आगे निकलता है,
जीवन उसी का फलता और फूलता है,
उसी की जिंदगी फूल सा महकता और सोने सा चमकता है,
मुश्किलों को चीर के जो आगे बढ़ता है।
जीवन उसी का चंदन सा महकता है,
जो अपने लक्ष्य की ओर चील सी नज़र रखता है,
जीवन उसी का प्यार से भरता है,
मुश्किलों का जहर पीके भी जो रोज़ नहीं मरता है।
हर दुख को चीर के जो हंसी में बदलता है,
अपने अंदर के तूफ़ानों से रोज़ बच के निकलता है,
अपने अरमानों के बोझ से जो रोज़ बिखरता और निखरता है,
जीवन उसी का प्यार में बदलता है,
मुश्किलों को चीर के जो आगे निकलता है।
जो गैरों की बातों में आके नहीं पलटता है,
कुदरत उसी के लिए अपने नियम बदलता है,
ईश्वर का प्यार और आशीर्वाद उसी को मिलता है,
जीवन उसी का सचमें जीवन लगता है,
मुश्किलों को चीर के जो रुकता नहीं, बस आगे बढ़ता है।
By Dr. Susheela Chaurasia

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Very good
Nice poem
Very motivational!
Nice poem 👌🏻 👌🏻