जीवन एक संघर्ष का दरिया
- Hashtag Kalakar
- May 22, 2024
- 1 min read
Updated: Oct 2, 2024
By Jyoti Swaroop Tripathy
तुम वीर हो
ऐसे न घबराया करो,
ये जीवन तो संघर्षों का दरिया है,
अपना परचम इसपे लहराया करो.
यहां हर कोई व्यस्त है,
सबको बस अपनी ही पड़ी.
चीज़ें सिर्फ दो तरह की हैं,
एक छोटी तो दूजी बड़ी.
ये नफरतों का संसार है,
झूठा है सारा प्यार.
अकेले तुम रह जाओगे,
साथ न होंगे परिवार और यार.
सब यहां क्षणभंगुर है,
इनपर न भरमाया करो.
ये जीवन तो संघर्षों का दरिया है,
अपना परचम इसपे लहराया करो.
चलते हुए कभी गिर गए,
हाथ बढ़ाकर कोई नहीं उठाएगा.
दूसरों से कुछ हटके सोचो,
बुलाकर पास अपने कोई नही बिठाएगा.
जगह जगह पर ठोकर लगेगी,
सिर्फ मिलेगा तिरस्कार.
दूसरों पे किया अंधविश्वास तो,
विश्वासघात का मिलेगा पुरस्कार.
इस पत्थर दिल दुनिया में तुम,
न हर किसी पे नरमाया करो.
ये जीवन तो संघर्षों का दरिया है,
अपना परचम इसपे लहराया करो.
ये न सोचना सब साथ ही चलेंगे,
सफ़र तुम्हें अकेले ही करना है.
पनघट का रास्ता सब बताएंगे पर,
मटका तुम्हें अकेले ही भरना है.
तकिये को साथी बना लो तुम,
कोई तुम्हारे आंसू नहीं पोंछेगा.
किसी से भी मदद मांग कर देखो,
तुमसे पहले वो खुद का ही सोचेगा.
जो न मिल सके मेहनत के बावजूद भी,
वो हक़ छीनने में न शरमाया करो.
ये जीवन तो संघर्षों का दरिया है,
अपना परचम इसपे लहराया करो.
By Jyoti Swaroop Tripathy

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