जीवन एक दौर
By Debasis Patro
जीवन नहीं एक चुनोती ये तो बस एक दौर है;
इससे लड़ना नहीं है हमें इसकी मंजिल ही कुछ और है।
ये दौर तो निकल जाएगा,
इसके बाद जाने क्या आएगा;
जो करना है हमें बस इस दौर में
कुछ ना कुछ हो ही जायेगा।
जीवन की धारा को ना कोई रोक पाया है ना कोई रोक पायेगा;
इसमें रहना है अगर,
तो बस हमें तैरना ही होगा।
ना पकड़ना है कोई ढांचे को,
ना ही फड़फड़ाना है पैर और हाट;
बस तैरते रहना है इसके प्रवाह में,
हर लहर का आनंद लेना है,
फिर शायद नीचे जाना है।
नीचे जाते हुए थामो दिल को,
ये नहीं मौत का कोई कुआं;
यहां सिर्फ देने हैं कुछ इम्तिहान
इसके धारा के सात बहना है हमें ।
उल्टी दिशा में जितना जाओगे कुछ ना पाओगे
तुम खींचे ही जाओगे,तो संघर्ष ही क्या करना।
हमें तो बस जीना है,
जिंदगी के हर मोड़ पे संभलना है;
आएंगे कुछ पत्थर रास्ते में,
होगी ढेर सारी बारिश;
इसका बहाव भी बदलेगा,
बस करना है इंतज़ार।
ये अंत नहीं एक दौर है,
इसका मकसद ही कुछ और है ।।
By Debasis Patro

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