जीना चाहता हूँ हसना चाहता हूँ
By Amit Kumar
रास्ते और रिश्ते मे ज्यादा फर्क नहीं है
मैंने भी कुछ रास्ते चले है
कुछ छोड़ दिये, कुछ अभी चल रहा हूँ
नए रास्ते मिले है, कुछ पे चला कुछ को नकार दिया
तू भी एक रास्ता है मुश्किल भी अंजान भी
इस पे चलना चाहता हूँ गिरना चाहता हूँ
तुझ रास्ते की कोई मंजिल नहीं, फिर भी भटकना चाहता हूँ
मदद कर आसान कर इस रास्ते के सफर को
की इस रास्ते पे जीना चाहता हूँ हसना चाहता हूँ |
रास्ता तू है मंजिल भी तू है
पर कदर कर इस मुसाफिर की थोड़ी तो,
अंजान नहीं हूँ इस रास्ते की मुश्किलों से
फिर भी इन मुश्किलों के साथ जीना चाहता हूँ हसना चाहता हूँ
By Amit Kumar

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