जिन्दगी
By Pravin Mane
जिन्दगी एक पहेलियों कि कतार हे,
जिनको उल्झते हुए सुलझते जाना ही जिन्दगी हे...
जिन्दगी एक बारिश हे, देखो तो,
बादलो में से उम्मीद की निकलती बूंदे ही जिन्दगी हे...
जिन्दगी एक बेवफा मेहबुबा हे,
हर रोज नये रंग दिखाके,
जो अपने रंग में आपको ढाल के,
आखिर तनहा छोड देती हे वह हे जिन्दगी हे,
जिन्दगी एक नशा हे,
जिसको जिने की,
जिंदा रेहने की आदत लगे,
उसे राहत देदे वह हे जिन्दगी...
जिंदादिल रेहकर,
हर पल में जिन्दगी की तलाश,
इसीका नाम हे जिन्दगी...
By Pravin Mane

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