जिंदगी का सफर…
By Osin Poddar
जिंदगी है एक मेला यहां खेलना है सबको अकेला । सागर सी है गहरी ये मंजिल तुम्हारी कांटो सा है लंबा ये सफर तुम्हारा।
आज चलना सीखा है इस सफर में कल दौड़ना भी सीख जाएंगे , जिंदगी के हर उस मुकाम पर जीत हासिल कर के दिखाएंगे। क्या पाया क्या खोया कभी ना इस चिंता में रोया। जीवन में चाहे दिया हो सुख या कभी किया हो मेरे आंखों को नम , मैंने हर उस लम्हा को हंस कर है बिताया।
By Osin Poddar

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