जिंदगी
- Hashtag Kalakar
- Apr 13, 2024
- 2 min read
Updated: Aug 21, 2025
By Purnima Dave
जिंदगी ✨️
कभी हाथ पकड़े,
कभी बाह मरोडे,
कभी भर के चिमटी तू मेरी आहो को तोले,
कभी फूस फ़ूसाये कानों में मिश्री,
कभी ज़ोर से तीखी सी चिल्लाए,
कभी साथ चल दे,
कभी बीच राह मुड जाए,
कभी पीठ थपथपाए,
कभी मुह के बल गिराए,
कभी घाव देके तू मरहम लगाए,
मै बिलखती रहु,
तू खड़ी मुस्कुराए,
तू ये कैसी सहेली, समझ में ना आए|
मैं गुम सुम सी चुप चुप,
तू मुँहफट सी हाए,
मैं बाहें पसारू तू दूर जाए,
मैं इंतजार में हू तेरे,
कहां है कहां तू ?,
थक गई है ये ऑंखे,
मेरी आवाज़ से आवाज़ मिला तू,
मैं ढूँढु तुझे फिरु दर बदर,
कि एक रोज तू थी मेरी हमसफर,
क्यूँ है अब तू रहती मुझसे ख़फ़ा सी?,
जुड़ी थी तू मुझसे अब क्यूँ है जुदा सी,
ले देके एक था तेरा ही सहारा,
पर तूने हरदम किया मायूसी की तरफ इशारा,
बता तू, तू ही बता कहा अब मै जाऊँ?
किसे बिठा के अपनी बिगड़ी सुनाऊँ,
तू जो सुने तो में एक बात बताऊँ
तू जो गुनगुनाए में वही गीत गाऊँ
तेरी ताल पर अब मेँ नाचुंगी छम-छम,
आजमाले मुझे बजा कोई सरगम,
चलो छोडो अब मैने छोड दी कोशिशें सारी,
जिस राह चले तू चले मेरी सवारी,
आखिर में तो बस जाना है तेरे गॉव,
देगी तू धूप, या देगी थोड़ी छाँव|
मैंने मान लिया था तुझे अपना साथी,
पर जानने मै तुझे देरी हुई जरा सी,
मेरी बात को सुन ले जरा तू,
हर बार तेरी मनमानी ना चलेगी समझ ले जरा तू,
बचते बचाते मेँ आगे बढ़ूगी,
सह लूंगी तेरे सारे सितम सह लूँगी,
करूंगी मेँ रोशन तेरा नाम एक दिन,
सरेआम देगी तू मुझे इनाम एक दिन,
एक दिन के इंतजार में मै मरती हू हर दिन,
मुझे चैन से जीने देना तू एक दिन,
तू है मेरी सहेली, तू ये याद रखना,
के जब तक हु जिंदा,तेरे साथ रखना|
जिंदगी है तू मेरी, तू है मेरी सहेली
सहेली से बढ़कर, तू है एक पहेली |
By Purnima Dave

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