जय विज्ञान
By Dr. P. L. Bharati
ओम जय विज्ञान हरे, स्वामी जय विज्ञान हरे
तेल दीप बिन कैसे, सब घर बल्ब जले । ओम जय विज्ञान........
सूर्य चंद्रमा देख के, कैसे समय बने,
स्वामी सबकी घडी बने,
दूर दूर भी रहकर, सबसे बात करे । ओम जय विज्ञान........
कम्प्यूटर के आते ही, बिगडे काम बने,
स्वामी झट से काम बने,
दुनिया मे कही रहकर, दूर ईलाज करे । ओम जय विज्ञान........
ई-गवर्नेंस के द्वारा भी, शासन ठीक चले,
स्वामी सूचना सब को मिले,
दोषी को पोल से खोज के, समुचित दण्ड दिये । ओम जय विज्ञान........
तुम रक्षक हो, तुम अनंत हो, तुम अंतर्यामी,
स्वामी तुम शक्तिशाली
परमाणु की शक्ति से, रक्षा करो मेरी । ओम जय विज्ञान........
By Dr. P. L. Bharati

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