जन्नत कहाँ
Updated: Jul 17, 2025
By Tanya Singh
यह खूबसूरत दुनिया दी,
यह हसीन ज़िंदगी दी,
इस ज़िंदगी को जीने के रास्ते दिए,
इन रास्तों की मंज़िल दी,
वक्त दिया खुद से,
रूह-ब-रूह होने का…
पर तूने एक चीज़ नहीं बताई,
कि,
इस दुनिया में हमारा अपना कहाँ,
इस ज़िंदगी में सुकून कहाँ,
इन सुकून के रास्ते कहाँ,
इन रास्तों की मंज़िल कहाँ,
लोगों के भीड़ में,
ऐ ख़ुदा, अब तू ही बता,
जन्नत कहाँ?
By Tanya Singh

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