ज़िन्दगी पेड़ जैसी है
By Tejaswini(Tejoy)
जिंदगी पेड़ सी
सोचो तुम्हें कोनसा बोना है
बरगद सी छाया या पीपल सी पाना हैं।
ज़िंदगी पेड़ सी
कैसा फल उगाना हैं
खट्टा मीठा या काटो का घेरा है।
ज़िंदगी पेड़ सी
एक आंधी में मिटना हैं
या तूफानों में डट कर अपना वजूद बनाना है।
ज़िंदगी पेड़ सी
हर मौसम मैं अलग सी
आए पतझड़ या तूफान श्रवण में हरियाली सी ।
By Tejaswini(Tejoy)

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