ज़िंदगी का तोहफा
By Japneet Kaur
तोहफे में मिली ज़िंदगी को यूँ ना गुज़र तू
ये कीमत पालो को ना नकार तू
जितने के मकसद से ज़िंदगी को ना खेल तू
सकुन को पैसों से ना तोल तू
के पलड़ा हमेशा ज़िंदगी का बारा होता है
और बाकी मकसद मंज़िल पैसों का तो धोखा होता है
By Japneet Kaur

Kya khoobsurat alfaaz hai
Nice
Excellent
heart touching