ज़रूरी तो नही….
By Ankita Pradeep
ज़रूरी तो नही की हर ख्वाब पूरा हो
जरूरी तो नहीं की हर ज़िद्द जो पहले चाहत थी वो पूरी हो
जरूरी तो नहीं की हर इंसान तारा तोड़ ही लाए
और जरूरी नहीं की सूरज मुट्ठी में ही समा जाए
देखा है मैंने लोगों को खुशफेहमी में ऐसा करते हुए
लेकिन जरूरी नहीं की यह तमन्ना भी पूरी हो
जरूरी तो नहीं की ताज महल के ऊपर हाथ रखे हुए आपकी भी एक तस्वीर हो
और जरूरी नहीं की हर किसी के जिंदगी में आपका नाम उनके अच्छे इंसानों में हो
ज़रूरी नही की हर ख्वाब हर आस पूरी हो
ज़रूरी नही की चील सा उड़ने की और चीता से तेज दौड़ने की चाह पूरी हो
सपने ख्वाब हम कई बार देखते हैं
खयाली पुलाओ भी कई बार बनाते हैं
लेकिन यह जरूरी नहीं की हर किसकी हर कोई चाह पूरी हो
हर किसीको हमराही से प्यार पहले और फिर शादी हो
मंजिल अलग हैं आपकी मेरी और हर किसीको
तो जरूरी नहीं की राह एक ही हो
ज़रूरी नही है जलना किसिसे
किसके आगे बढ़ने से खुदकी हिम्मत मापना ज़रूरी नहीं
जरूरी नहीं कि आपकी मुस्कान दूसरों के हारने से हो
और ज़रूरी नही की अपनी किसी एक हर से निकलने का रास्ता गम या खुदखुशी हो
ज़रूरी नही है गमगीन रहना
मगर फूलों को, पंछियों, तितलियों को देख उनमें को जाना जरूरी है
उन्हें देख खुश हो जाना ज़रूरी है
ख़ुद में हर कोई खास है
जिनमें कुछ कमी नहीं होती है वो भी
और जिमें कुछ कमी हैं वो भी
जो पढ़ने में अच्छा है वो भी
और जिसकी मुस्कान प्यारी है वो भी
सच में, हर कोई खास है
लोग अलग, जिंदगी अलग, तजुर्बे अलग
तो यह जरूरी नहीं की आपका और मेरा सोचना भी एक हो
आपका - मेरा नज़रिया और खुशी भी एक हो
ज़रूरी नहीं कुछ भी इसके सिवाए कि,
आप हमेशा खुश हों रहें
और आपके जीने का तरीका और खुशी का कारण कोई और नहीं केवल आप ही हों
By Ankita Pradeep

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