छोड़ों
By Shweta
छोड़ों....
जाने दो, बड़े गहरे ज़ज्बात हैं l तुम्हें समझ नहीं आयेंगे ll रहने दो, अब बातें मत बनाओ l अब हम पीछे नहीं आयेंगे ll तुम्हें दिल ही तोड़ना था, तो एक बार मशविरा ही कर लेते ll पहले से ही टूटे हुए को, अब 'और ' क्या ज़ख्म दे कर जाओगे ll
तुम्हें पहले ही बताया था ,
कि "ठहरने की पहली शर्त " पर ही
यहां आशियां बना पाओगे ll
अब ख़ामोशियों में करते हो बातें हमसे,
एक तन्हा को,
अब 'और' क्या अकेला कर पाओगे ll
गुजारिश है तुमसे ,अपना नक़ाब उतार दो l
जिसने रूह झाँक ली हो तुम्हारी,
उसे 'और' क्या गुमराह कर पाओगे ll
आखिरी सवाल था तुमसे,
आखिरी सवाल था तुमसे l
जो सच हमें नहीं कहा,
क्या वो खुद को भी ‘न’ बोल पाओगे ll
By Shweta

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