“छोटी सी खुशियां”
By Renu singh
बडी बडी खुशीयो की आस मे हम छोटे-छोटे मीठे पलो को नजरअंदाज कर जाते है,
ढुंढने पर भी नजर नही आती ये खुशीयां,
महसूस करो तो आस-पास मिल जाते है।।
कभी देखा है तितली और भंवरो को फूलो पे मंडराते हुए,
महज ये मंजर देखकर ही हम मुस्का जाते है,,
और बारीशो मे जो छू के निकले ठंडी हवा,,
उन बूंदो की छमछम मे कदमो को कहा रोक पाते है।।।
बडी बडी खुशीयो की आस में हम छोटे-छोटे मीठे पलो को नजरअंदाज कर जाते है......
सुना है बडे दिलकश होते है पहाडो के शहर,,
फजाओ मे उनकी रूमानी हो जाते है,
पर छोटी सी बगिया मे कोहरे से झांकती सर्द सुबह मे,
इत्मीनान भरे चाय की कई चुस्कियों भरे पल भी सुकुन दे जाते है।।
बडी बडी खुशीयो की आस में हम छोटे छोटे मीठे पलो को नजरअंदाज कर जाते हैं...
फितरत एसी ही है कुछ जहां की,
पाने को खुशी हम मन की कब कर पाते है,,
क्यो न बांटकर ही इसे पा ले, खरीदे तो सौदे करने पड जाते है।।
बडी-बडी खुशीयो की आस में हम छोटे छोटे मीठे पलो को नजरअंदाज कर जाते हैं।।
By Renu singh

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