चिठ्ठी
By Mrinalini Gajbe
स्नेह और सम्मान
से संबोधन करती
कभी हंसाती
कभी रुलाती
थोड़ा इधर उधर की
बातें है करती
स्वप्न और आशाओं
पर जगती ।
ज़िंदगी एक चिट्ठी है ।
सुख-दुःख भरे
पलों को संजोती
कुछ बातें प्यार भरी
कुछ अनुभव कड़वे
कुछ अपनों का
बोध है प्रतीति ।
ज़िंदगी एक चिट्ठी है ।
लाल नीली काली
स्याही से लिखी
कभी यथाक्रम लिखी
कभी असंगठित सी
ज़िंदगी के कई
वृत्तांत है घडती ।
ज़िंदगी एक चिट्ठी है ।
छोटी सी ज़िंदगी
कई अच्छे बुरे
अनुभव कराती
कड़वी बातें
प्यार भरी यादें
खट्टे-मीठे
ताने बाने बुनती।
ज़िंदगी एक चिट्ठी है ।
लाल डिब्बे
से दुनिया में आती
लाल डिब्बे में
जाकर दफ्न हुई
फिर एक कहानी
सुनाने नई
एक और चिट्ठी
जन्म लेती ।
ज़िंदगी एक चिट्ठी है ।
By Mrinalini Gajb

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