चलो दूर कहीं हम चले
By Jyoti Prakash Mohanty
चलो दूर कहीं हम चले
ग़म की जहाँ परछाई ना हो..
चलो दूर कहीं हम चले
जहाँ जमाने की रुसवाई ना हो..
चलो दूर कहीं हम चले
सआदत की जहाँ कमी ना हो..
चलो दूर कहीं हम चले
जहाँ आँखों में तेरी नमी ना हो..
चलो दूर कहीं हम चले
हर पल जहाँ हो ख़ुशनुमा..
चलो दूर कहीं हम चले
जहां इश्क़ की जलती रहे शमा..
चलो दूर कहीं हम चले
हर शब-ए-वस्ल हो तेरी मेरी..
चलो दूर कहीं हम चले
जहाँ हर ख़्वाब अधूरी हो पूरी..!
By Jyoti Prakash Mohanty

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