चंद गज़्लें तो मैने लिख डालीं
By Usaid Shaikh
चंद गज़्लें तो मैने लिख डालीं पर यूं खाली है उस के बाद से दिल जैसे वीरां पड़ा मकां कोई
आंख भर देख भी ना पाये हों
वक़्ते रुखसत जिसे
मकीं उस के.
वक़्ते रुखसत = जुदाई का वक़्त
मकीं = मकान में रहने वाले
By Usaid Shaikh

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