चंचल मन
Updated: Jun 5, 2023
By Nalini Choudhary
तेरा कर्म ही तेरी पहचान है
वरना एक नाम के हज़ारों इंसान हैं..!!
चंचल मन है तो उड़ बाज़ के जैसा
बस पंख में अपने ताक़त रखना,फ़ैला तो पूरा आसमान है..!!
यूँ ही नहीं कहलाता वो राजा और करता स्वाभिमान है
तपस्या है,संघर्ष है यही जीवन का विधान है..!!
ढलती उम्र भी न तोड़ सके हौंसले,कोई तो उसे वरदान है
सह जाये जो अनंत पीड़ा ऐसा कौन उसके समान है..!!
बस साँसें लेना ही नहीं जीवन जीने की पहचान है
दम भर कि उड़ने वाला होता है बाज़ीगर, उसी का भूत भविष्य वर्तमान है..!!
By Nalini Choudhary

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