गूंजता इतिहास, जागता वर्तमान
By Rashmi Sah
गूंज रहा इतिहास हमारा
वर्तमान सब पर भारी है,
समझ रहे है चाल दुनिया की
सब पे नजर हमारी है।
कौन बढ़ता है आगे
कौन साथ निभाता है,
दुनिया की नई जंग में
कौन साथ खड़ा हो जाता है।
नहीं हमें है डर किसी का
हमें तो आगे बढ़ना है
किसी के कहने से क्या होता
हमें तो डट के लड़ना है।
गूंज रहा इतिहास हमारा ....
आजादी का एक नया रूप है
आजादी की एक नई जंग है
हमें तो ये साबित करके दिखलाना है
आजादी का ये एक नया रंग लाना है।
कदम से कदम मिला कर
आगे बढ़ते जाना है,
चट्टानों, तूफ़ानों से टकराकर भी
एक नया मार्ग बनाना है।
गूंज रहा इतिहास हमारा .....
विश्व गुरु का है इतिहास हमारा
उसे फिर से उसे दोहराना है,
अपने साथ पूरी दुनिया को
ज्ञान का मार्ग दिखाना है।
करने दो हमले पर हमला
फौलादों सा अपना सीना है
चारों खाने चित करके
हमको फिर से जीना है।
गूंज रहा इतिहास हमारा ....
है सबके अंदर एक बौखलाहट,
उसको हमें संभालना है
क्रोध की ज्वाला को
ज्योति बना कर,
दुनिया को दिखलाना है।
दुनिया के इस नए रंग को
तिरंगी चोला पहनाना है,
दिखा कर शांति का नया रंग
शीर्ष पर पहुंच हमें जाना है।
गूंज रहा इतिहास हमारा ....
चल रहा है दौर संघर्ष का
पर घबराहट को न दिखलाना है
टिका के पांव अपना
वापस खड़े हो जाना है।
कौन कहा किस तरह मुड़ता है
हमें न किसी को झुकाना है,
वसुधैव कुटुंबकम् को हमे
एक बार फिर से दोहराना है।
कौन बढ़ता है आगे
कौन साथ निभाता है,
दुनिया की नई जंग में
कौन साथ खड़ा हो जाता है।
गूंज रहा इतिहास हमारा
वर्तमान सब पर भारी है,
समझ रहे है चाल दुनिया की
सब पे नजर हमारी है।
By Rashmi Sah

👏👏
भारत के स्वर्णिम इतिहास, सशक्त वर्तमान एवं उज्ज्वल भविष्य को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
विश्वगुरु का इतिहास, वसुधैव कुटुंबकम् की परंपरा और कदम से कदम मिलकर चलने से उत्पन्न शक्ति को दिखा कर भारत की वर्तमान स्थिति को प्रकट किया गया है।
कविता में कवयित्री की राष्ट्रीय भावना द्रष्टव्य हो रहा है।
👌
Superb
very enthusiastic ...