गुज़रा जमाना
Updated: Oct 2, 2024
By Anu - AnmolChahat
जीवन का हर किस्सा पुराना याद आता है,
कैसे भूलें कि वो गुजरा जमाना याद आता है।
वो बचपन के मधुर किस्से,मुझको याद आते हैं,
वो मां की गोद और लोरी सुनाना याद आता है।
जवानी के मधुर किस्से,मुहब्बत का पहला सपना,
वो पहली ही नज़र का प्यार कह देना किसी को अपना,
वो किसी को देखने के वास्ते छत पर दोपहरी में,
सूखा तौलिया फिर से सुखाना याद आता है।
फिजाओं में महक मिट्टी की,हवा में इश्क़ की खुशबू,
चाल कुछ बहकी बहकी सी नज़र में प्यार का जादू,
वो तितली के परों से रंग चुराना याद आता है,
कैसे भूलें कि वो गुजरा जमाना याद आता है।
वो मुहब्बत में खत लिखना,किताबों में छुपा रखना,
उनसे नजरें बचाकर बस उन्हीं को देखते रहना,
वो फूलों को किताबों में सुखाना याद आता है,
कैसे भूलें कि वो गुजरा जमाना याद आता है।
By Anu - AnmolChahat

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