गिरो, गिरो,गिरो ,
By Himadri Das
गिरो, गिरो,गिरो ,
बादलों को चीर कर
आसमान से गिरो,
तोड़ो वृक्षों का तप,
इंद्र का आदेश है
तुम गिरो, गिरो,गिरो l
गिरो, गिरो,गिरो ,
अहंकारी राजा जैसे,
बुढ़ापे में शक्ति जैसे,
अंधेरे में प्रकाश जैसे,
लुहार के हतौड़े जैसे,
इंद्र का आदेश है
तुम गिरो, गिरो,गिरो l
गिरो, गिरो,गिरो ,
वर्षा को संदेश दो,
नदियों को आशा दो,
किसानों को फसल दो,
जमीन की प्यास बुझानी है,
इंद्र का आदेश है
तुम गिरो, गिरो,गिरो ।
गिरो, गिरो,गिरो ,
गर्मी को दूर भगा दो,
कवियों को विषय दो,
छाताओं को उद्देश्य दो,
इंद्र हमसे प्रसन्न है
यही उनका आदेश है,
तुम गिरो, गिरो , गिरो ।
By Himadri Das

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