गलती क्या थी
Updated: Jul 14, 2025
By Nisha
लाखो सपने इन आँख म भरके
उड़ने लगी चड़या उन सपनो को पूरा करने
अपने परो के दम पर वो आसमा म उडती
ख
ुद को मजबत करके वो त ू फानो से लडती ु
हर वार सहे जाती , द*वार सहे जाती ु
लड़ना वो जानती ,हर बार िजत जाती
गीधडो का शहर था, अनजान एक पहर था
एक बांज 0नकला अपने 1प ंजरे से
उसका शहर म बहोत कहर था
नज़र पड़ी उसक, उस चड़या के िज*म पर
चड़या अपने काम म मशग
ु
ल
उसे न 3कसी बात का इलम था
4दल दहेल गया चड़या क कहानी सु
न के
5ह चीख उठ7 बांज क द8वानगी देख के
अफ़सोस हु
आ ये सु
न के क
3कसी को फक: नह8ं पड़ा
द;रंदे क हेवानगी देख कर
चड़या क या गलती थी
वो अपने घर म बड़े नाजो से पलती थी
वो तो चल8 थी द0नया को फ़तेह करने ु
पर उसे या पता था क उस शहर म
द;रंदो क हवस पलती थी
चहेकती चड़या च=ला च=ला के मर गइ
सहेमती सहेमती वो खदा के घर गई ु
चड़या क एसी हालत देख कर
ख
ुदा क 5ह जल गई
ख
ुदा को अफशोस हु
आ क
य बांज जेसी 5ह इस जमीन पर पल गई
By Nisha

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