गणपति गीत
- Hashtag Kalakar
- Sep 10, 2025
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By Dr. Susheela Chaurasia
मोदक, लड्डू भोग चढ़ाऊं,
गण गण गणपति गीत मैं गाऊं,
उमानंदन को मैं सजाऊं,
पुष्प, इतर, चंदन ले आऊं,
मेरे गजानन को महकाऊं,
गण गण गणपति गीत मैं गाऊं।
मिट्टी से जिसने जनम लिया,
त्रिशूल ने गणपति भगवन किया,
प्रथम पूजनीय स्थान दिया,
ऐसे प्रभु को मेरा प्रेम जताऊं,
मोदक, लड्डू भोग चढ़ाऊँ,
गण गण गणपति गीत मैं गाऊं।
लंबोदर है नाम तेरा,
एकदंत ऋषि परशुराम ने किया,
तुझे अनेकों वरदान दिया,
सदा रहें पूजनीय भगवान मेरा,
बस इसकी कामना करते जाऊँ,
मोदक लड्डू भोग चढ़ाऊं,
गण गण गणपति गीत मैं गाऊं।
रिद्धि सिद्धि सदा रहें विराजित यहा,
करे हमेशा मेरे घर पर कृपा,
मेरे विग्न हरता साथ रहे तू हमेशा ये चाहूँ,
हर मोदक में तेरा मुख पाऊँ,
गण गण गणपति गीत मैं गाऊं।
मोह, माया, दुनिया, दारी बस भूल जाऊं,
शिव पार्वती की कृपा मैं पाऊँ,
तेरे आशीर्वाद से अपना घर सजाऊं,
हर पल तुझमें बस रम जाऊँ,
दुनिया के सारे व्यंजन ले आऊं,
मोदक लड्डू से तेरी थाल सजाऊं,
गण गण गणपति गीत मैं गाऊं।
By Dr. Susheela Chaurasia

बहुत सुंदर
Om shree Ganeshay namah
Nice poem 👌🏻 👌🏻
Ganpati bappa.......
🙏🙏🙏