ख्वाइश
Updated: Jul 15, 2025
By Sachin Harkhani (Sahaj)
वो एक तरफ़ा प्यार निभाने की ख्वाइश
कुछ दिलके अरमान बताने की ख्वाइश
तू हे जो छाता लिए फिरता हे
में जैसे बारिश तुजे भीगने की ख्वाइश
कोई एक जो तुजे घरमे बसाना चाहता हे
और एक में हूँ जिसे दिलमे बसानेकी ख्वाइश
में गाने सुनने से परे हो चूका हूँ
एक ग़ज़ल लिखी हे बस तुजे सुनाने की ख्वाइश
यूँ परखने के बाद अपनाया तूने
मेरी बगैर कुछ सोचे तुझपर लुटजाने की ख्वाइश
By Sachin Harkhani (Sahaj)

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