खुद से प्यार
Updated: Oct 10, 2022
By Shruti Rungta
दूनियादारी इतनी आती नही है
नाप तोल कर बातें करना
कभी सीख नहीं पाई
शायद डरती नहीं हूं ना
की लोग क्या कहेंगे
जो दिल में है
वही जुबान पे
हुबहू रख दिया करती हु
भरोसा थोड़ा जल्दी कर लेती हु
आज भी उनकी नफरतों में
कुछ अच्छा ढूंढ ही लेती हु
हां कभी कभी रूठ जरूर जाती हु
पर मान भी बहुत जल्दी जाति हु
छोटी छोटी बातों पे मुस्कुरा देती हु
उन बच्चो को पार्क में खेलता देख
अपना बचपन जी लेती हु
खुल कर रो लिया करती हु
कहती नही किसी से
परेशान नही करना चाहती उन्हे और नाही दुखी
पर हां, ना बोलना सीख गई हु
खुद से प्यार करने लगी हु!
By Shruti Rungta

Comments