क्या हम आज़ाद हैं
Updated: Jul 15, 2025
By Jaya Bhardwaj

क्या हम आज़ाद हैं।
हां हम आज़ाद हैं, शायद बहुत ज़्यादा आज़ाद हैं।
हमें डर नहीं कि हमारी ही आदतें हमें दोबारा ग़ुलाम बनने पर मजबूर कर देंगीं।
हम बे-ख़ौफ़ संसाधनों की क्षति कर रहे हैं।
क्योंकि हम आज़ाद हैं।
हम बेकार आपस में झगड़ रहे हैं
क्योंकि हम आज़ाद हैं ।
हम बेपरवाही से प्रकृति से खिलवाड़ कर रहे हैं
क्योंकि हम आज़ाद हैं ।
क्यों हमारे ही रिश्ते, हमारे बीच महफूज नहीं
क्योंकि हम आज़ाद हैं ।
हम चांद पर पहुंच गये हैं, मुझे भी गर्व है
पर क्यों धरती की हिफ़ाज़त हम भूल गये हैं।
इंसानियत भूल गये हैं
क्योंकि हम बहुत ज़्यादा आज़ाद हैं ।
बेहतर होगा हम ही ख़ुद को नियंत्रित कर लें,
कि कोई और हम पर नियंत्रण करे।
और इतिहास फिर से दोहराया जाए।
इस आज़ादी को बनाए रखना हमारा ही काम है।
यहीं पर हैं ब्रह्मा-विष्णु, यहीं चारों धाम हैं।
By Jaya Bhardwaj

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