क्या सच में तुम खुश नसीब हो ?
Updated: Jul 16, 2025
By Pooja Kumari
अगर तुमने कभी नही देखा ,
आंखो में अश्रु लिए
डरी सहमी और टूटी बिखरी स्त्री को तो,
तुम खुशनसीब हो।
तुम खुशनसीब हो,
अगर तुमने नही देखा,
एक स्त्री के बालों को पुरषों के हाथों में जकड़े हुए,
उसे घसीटते हुए, उसे पीड़ा में
एक छोटे बच्चे की तरह रोते बिलखते, चीखते हुए।
उसके आंखो की लालिमा
उसके मोटे मोटे आंखो में केवल दुःख,
अश्रु से भींगे उसके चेहरे को,
तो सच, तुम खुशनसीब हो।
अगर तुम इस पीड़ा की पीड़ा से कोसों दूर हो
तो, सच तुम खुशनसीब हो।
अगर तुमने नही देखा एक स्त्री के आत्मसम्मान को
एक पुरुष के हाथों मरते हुए ,
और उसके आत्म विश्वास को जलते हुए ,
तो सच, तुम खुशनसीब हो ।
मैं पूछती हूं तुमसे -
क्या सच में तुम खुशनसीब हो?
By Pooja Kumari

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