क्या चल रहा
By Bhaskar Sharma
ये कौन है जो बच्चों के हाथों से खिलौनें छीन रहा
ये क्या माजरा है, ये क्या चल रहा
ज़मीं तो छोटी-छोटी बाँट ली
आओ अब आसमाँ देखें, वहाँ क्या चल रहा
किस किताब के हैं ये झगड़े सारे
वतन में तो सुना है, सब अच्छा चल रहा
ये किसका लहू गिरा मेरे घर में
सरहद पर सियासत-दानों का दौर, लम्बा चल रहा
भला अब इस लहू को किस रंग में बाँटोगे
क़ातिल के घर में, मुंसिफ़ का फ़ैसला चल रहा।
By Bhaskar Sharma

Comments