�� कोहिनूर ��
By Dr. Pradnya Vilas Darade
खुद को इतना भी मत बचाया कर, पगली,
थोडा बारिश में भी कभी भीग जाया कर......
गर लगता है तुझको अच्छा सजना सवरना....
तो खुद के लिये भी श्रींगार
किया कर.....
दे चुनौती तू चुनौतीयोंको,
कभी मत मान हार, हौसला बुलंद कर,
देख ये सारा जमाना उलझा पडा है चांदी और सोने में,
तू खुद में है एक कोहिनूर,
ये सच पहले तू स्वयम स्वीकार कर.........!
By Dr. Pradnya Vilas Darade

Very Nice
Wow,very nice,,👌👌