कोई ठहरा था तुम्हारे लिए
Updated: Aug 2, 2025
By Rupam Ramesh Dange
कोई ठहरा था तुम्हारे लिए,
शायद तुम्हारी ही राह निहार राहा था,
पर अब वो निकल पड़ा हैं,
कहीं जाने के लिए,
शायद वो थक चुका था,
इसलिए मैंने भीं रुकने नहीं कहा,
वो चलता चला गया,
फिर वो कभी ठहरा नहीं,
न कहीं पर, न किसी के लिए…
By Rupam Ramesh Dange

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