कुबूल है ।
- Hashtag Kalakar
- Feb 14, 2023
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By Harsh Varma
रंडी , वैश्या , धंधेवाली,
न जाने और ऐसी ही ,
कितनी उपमाएं मुझे इस,
समाज ने इनाम में दी हैं |
इनाम मुल्क की उस मुलाज़मत का ,
जो मैं कपडे उतार कर करती हूँ ,
बेटियों की हिफाज़त |
सोचती हूँ ,
अगर मैं ना होती,
तो क्या होता ,
कितने सफेदपोश बेनकाब होते ,
कितनी साड़ियाँ खीची जाती,
कितने दुपट्टे उछाले जाते ,
कितने जिस्मों पे चोट के ,
निशान होते ,
कितनी योनियों से,
खून रिसता,
सड़कों पे कितने दरिन्दे होते ,
थानों में कितनी शिकायतें आतीं ,
कितनी मासूम जानें जातीं ,
बस इक मेरे होने से ,
अगर बेटियां जरा भी महफूज हैं ,
उनके ख्वाब साँस लेते हैं ,
वो सुकून से जी पाती हैं,
तो समाज मुझे चाहे ऐसी ,
हज़ार उपमाएं दे
सब कुबूल है ||
By Harsh Varma

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