कुछ न कुछ तो होगा ही
By Abhishek Kumar
नाम सुने है जन्नत- दोजक, कुछ न कुछ तो होगा ही ।
इतने है मशहूर तो बेशक, कुछ न कुछ तो होगा ही ।।
मेरे इश्क के पागलपन ने, तुझमे अना तराशी है,
तेरी अदा पर मेरा भी हक, कुछ न कुछ तो होगा ही ।।
वो अपनाकर भी मुझको, अपने दिल की न कह पाया,
मेरी वफा पर उसको भी शक, कुछ न कुछ तो होगा ही ।।
बिना किए पूरे होगें, बस देखे से क्योकर सपने,
गर कुछ कोशिश करे तो बेशक, कुछ न कुछ तो होगा ही ।।
उसको भी एक उम्र तलक, लाखों सजदे है किए अता,
उसमे भी इबादत करने लायक, कुछ न कुछ तो होगा ही ।।
By Abhishek Kumar

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