किस्मत
By Jyotsna Kalkal
किस्मत से मिलता है कोई
हर पल फ़िक्र करने वाला
हमेशा है तुम्हारी ख़ातिर
ये यक़ीन भरने वाला
दिन कैसा बीता
जो हर रोज़ पूछता हो
बिना ज़्यादा बताए
बहुत कुछ समझता हो
वक़्त कहीं से भी
तुम्हारी ख़ातिर बचाकर लाए
ख़बर भी न हो इस क़दर
तुम्हे ख़ुद में बेहतर बनाए
उसके एहसास की ख़ुशबू से
हर सुबह महकती हो
मुश्किल होकर भी हर दिन
ज़िंदगी ख़ूबसूरत लगती हो
By Jyotsna Kalkal

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