किसको बताए
By Rathod Aakash
होंठों पर हंसी आंखों में नमी है,
किसको बताऊं के आखिर
किस बात की कमी है।
मन है आहत सांसें हैं भारी
कोई नहीं जिससे कहूं बातें सारी ।
कोई नहीं लगता यहां मन से अपना,
दिखावे का है यहां प्यार भी सबका ।
इसी लिए .........
खुद को खुद से दिलासा देना सीख रहा हूं,
खुद से खुद के दुख बांटकर जीना सीख रहा हूं।
By Rathod Aakash

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