काश! नया समा लिख दूँ
- Hashtag Kalakar
- Dec 10, 2025
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By Pragati Dandriyal
चाह है, काश! नया समा लिख दूँ
इन कोमल कलियों से खूबसूरत जहान लिख दूँ
दूर कहीं जहाँ अमन, सुकून, खुशियों के फूल खिलते हों,
जहाँ धरती-अंबर एक दूजे से मिलते हों
जहाँ आरज़ू भी मेरी हो, इबादत भी हो मेरी
जहाँ कला भी मेरी हो, बनावट भी हो मेरी
जहाँ दिल की मुरादें सारी बस आबाद हो,
जहाँ मैं मिलूँ मुझ से, मेरा खुद से साथ हो
खुद की सहेली, खुद की मैं ताकत बनूँ,
खुद से इश्क करूँ, खुद की मैं राहत बनूँ
दुआ हो गर कुबूल, खुद की खुद से वफा लिख दूँ,
चाह है, काश! नया समा लिख दूँ...
By Pragati Dandriyal

बहुत सुंदर 👌
Nice🙌
❤️🔥
Lovely
That's so good 💯