"काला जादु"
By Kumud Limbaji Kadam
बिन इजाजत दिल में रहकर
मेरे होश उडाने वाले
क्या कहेंगे जमाने वाले
झुठी बातें बनाने वाले
बुरे पैंतरे अपनाने वाले
ख्वाहिशों को दफनाने वाले
मेरा दिल तोडने वाले
ओ काला जादु करने वाले
बातों में अपनी फंसाने वाले
ख्वाब झुटे दिखाने वाले
पापा से मुझे पिटवाने वाले
दिल का सुकून बटवाने वाले
चैनों सुकून लुटकर मेरा
लज्जा से सर झुकवाने वाले
मेरा दिल तोडने वाले
ओ काला जादु करने वाले
प्यार में अपने मेरे सपने
मिट्टी में युं मिलवाने वाले
दिल कि हस्ती में मन कि बस्ती
बस्ती बसाकर छोड जाने वाले
पलभर का लम्हा जिंदगीभर कि शमा
शमा में अपनी भुनवाने वाले
मेरा दिल तोडने वाले
ओ काला जादु करने वाले
By Kumud Limbaji Kadam

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