कहीं कुछ
By Vikas Rajoriya
ये बादल क्यूँ रो रहे हैं ?
कहीं ये उदास तो नहीं ?
कहीं कुछ खोया तो नहीं ?
कहीं कुछ रह तो नहीं गया ?
कहीं कुछ ?
ये बादल क्यूँ रो रहे हैं ?
कहीं कोई अपना छोड़ तो नहीं गया ?
कही किसी का साथ छुट तो नहीं गया ?
कहीं किसी का इंतज़ार तो नहीं कर रहे ?
कहीं कुछ ??
ये बादल क्यूँ रो रहे हैं ?
कहीं ये ख़ुशी के आंसू तो नहीं ?
कहीं किसी रात का डर तो नहीं ?
कही ये अभागा बरसने वाला तो नहीं ?
कही कुछ ???
By Vikas Rajoriya

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